नुक्कड़ नाटक से एचआईवी/एड्स व टीबी के प्रति जागरूकता
स्वास्थ्य विभाग की पहल, मुख्य बाजार थत्यूड़ में सांस्कृतिक दल ने दिया संदेश

थत्यूड़। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनजागरूकता अभियान के तहत सुरसरिता सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने मुख्य बाजार थत्यूड़ में नुक्कड़ नाटक का मंचन कर एचआईवी/एड्स एवं टीबी (क्षय रोग) से बचाव को लेकर आमजन को जागरूक किया। नाटक के माध्यम से लोगों को इन गंभीर बीमारियों के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय सरल एवं प्रभावशाली भाषा में समझाए गए।
एचआईवी संक्रमण के कारण और बचाव बताए
कलाकारों ने नाटक के दौरान बताया कि एचआईवी संक्रमण के चार प्रमुख कारण होते हैं—असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई का प्रयोग, संक्रमित रक्त का चढ़ाया जाना तथा गर्भवती महिला से शिशु में संक्रमण का प्रसार।
बचाव के उपायों पर जोर देते हुए बताया गया कि जीवनसाथी के प्रति निष्ठा, एक सुई का केवल एक व्यक्ति के लिए उपयोग, रक्त चढ़ाने से पूर्व जांच तथा गर्भवती महिलाओं का प्रसव अनिवार्य रूप से सरकारी अस्पताल में कराना अत्यंत आवश्यक है।
सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित जांच की सुविधा
नाटक के माध्यम से यह भी बताया गया कि सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की समय पर आवश्यक जांच की जाती है, जिससे मां से बच्चे में संक्रमण फैलने के खतरे को रोका जा सकता है। कलाकारों ने लोगों से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
टीबी के लक्षणों की दी जानकारी
नुक्कड़ नाटक में टीबी के लक्षणों पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को एक से डेढ़ सप्ताह तक लगातार खांसी, बलगम आना अथवा बलगम में खून दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करानी चाहिए और चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेना चाहिए।
टीबी की जांच व दवाइयां निशुल्क
कलाकारों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच एवं उपचार की दवाइयां पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं, जिससे रोगी समय पर इलाज कराकर बीमारी को जड़ से खत्म कर सकता है।
कलाकारों की प्रस्तुति को सराहा
कार्यक्रम में दलनायक अजय सोनी सहित भानु जोशी, मनमोहन वंधानी, गजेंद्र सिंह असवाल, कुमारी सजना और हेमलता समेत अन्य कलाकार उपस्थित रहे। नुक्कड़ नाटक को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे समाज के लिए उपयोगी व प्रेरणादायक बताया।



