बंगशील-देवलसारी में रामलीला के 12वें दिन कलाकारों ने बांधा समा, लोकगायकों के भजन से गूंजा आकाश

थत्यूड (टिहरी)। थत्यूड क्षेत्र के बंगशील-देवलसारी में चल रही पारंपरिक रामलीला के 12वें दिन मंचित प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्तिभाव में सराबोर कर दिया। इस दौरान लोकगायक शेर सिंह डोगरा और बिहारी लाल के भजन गीतों ने ऐसा भक्तिमय वातावरण रचा कि पूरा मैदान “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
लंका चढ़ाई से पहले शिव आराधना का प्रसंग
रामलीला के मंचन में दर्शाया गया कि लंका पर चढ़ाई से पूर्व प्रभु श्रीराम ने समुद्र तट पर भगवान शिव की आराधना कर विधिवत शिवलिंग का पूजन किया। तत्पश्चात उन्होंने अंगद को शांति दूत के रूप में लंका भेजा, लेकिन रावण ने अहंकारवश दूत का अपमान कर दिया। इससे दोनों पक्षों में युद्ध की घोषणा हो गई। इस प्रसंग का मंचन देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
मीरा सकलानी बोलीं—रामलीला मनुष्य को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि “भगवान राम हमारे आदर्श हैं, उनकी लीला मनुष्य को धर्म, नीति और सत्कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।” उन्होंने कहा कि बंगशील-देवलसारी की यह भूमि स्वयं में पवित्र है, क्योंकि यहां भोलेनाथ कोनेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं। ऐसे पावन स्थल पर श्रीराम की लीला का आयोजन अत्यंत फलदायी माना जाता है।
हर पात्र का चरित्र देता है जीवन की सीख — बीरेंद्र राणा
भाजपा जिला उपाध्यक्ष बीरेंद्र राणा ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि रामलीला में दिखाए गए हर पात्र के चरित्र से जीवन में प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परंपरा हमारे संस्कारों और आस्था की जड़ों को मजबूत करती है।
धार्मिक वातावरण में हुआ अतिथियों का स्वागत
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी सूर्यमणि गौड़ ने सभी अतिथियों का देवदार की पीली पिठाईं से तिलक कर स्वागत किया। ग्राम प्रधान प्रियंका देवी ने मुख्य अतिथि मीरा सकलानी को प्राचीन भोलेनाथ मंदिर का फोटो-चित्र भेंटकर सम्मानित किया।
समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष बिजेंद्र पंवार, संरक्षक हुकम सिंह राणा, गजे सिंह राणा, शांतिप्रसाद गौड़, प्रेम सिंह राणा, चंद्र सिंह रावत, निर्देशक कमल किशोर नौटियाल, डा. बीरेंद्र नौटियाल, शांतिप्रसाद चमोली, हरि लाल, सचिव महावीर राणा, जयदेव गौड़, महिपाल राणा, जगत सिंह राणा, दिलमणि गौड़, महिपाल पंवार, बिनीता रावत, धीरज रावत (छात्रसंघ अध्यक्ष) सहित बड़ी संख्या में रामभक्तों की उपस्थिति रही।



